गणतंत्रता दिवस 26 जनवरी को  क्यों मनाते है जनिए इसके पीछे का रहस्य 

 

  गणतंत्रता दिवस एक राष्ट्रीय त्योहार है, जो प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी के दिन पूरे भारत मे बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है। आज का दिन पूरे भारत वाशी के लिए बहुत ही खास दिन है। क्योंकि आज के दिन ही हमारे देश भारत को अपना संबिधान मिला था। जो डॉ भीम राव अंबेडकर ने लिखा था। जिसको लिखने मे 2 वर्ष 11 महिना और 18 दिन का समय लगा था। जो 26 नवंबर 1949 को पूरा हो गया था, लेकिन 26 जनवरी 1950 को यह संबिधान पूरे भारत मे लागू कर दिया गया था।

संबिधान का असली पन्ना प्रेम बिहारी नारायण राय ने लिखा था। संबिधान को 2 भाषाओ मे लिखा गया जो की पहला – हिन्दी और दूसरा – अंग्रेजी है। संबिधान 16 इंच चौरी और 22 इंच लंबी चर्मपत्र सीटों पर लिखा गया था। हाथों से लिखे इस संबिधान पर 24 जनवरी 1950 को संबिधान सभा के 284 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए , जिसमे 15 महिलाये भी शामिल थी। संबिधान को 25 भागों, 470 अनुच्छेदों और 12 सुनचिया मे बाँटा गया था। भारत का संबिधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संबिधान है। जिसको गणराज्य का सर्वोत्तम दर्ज प्राप्त हुआ। 

गणतंत्रता दिवस कब और कहाँ मनाया जाता हैं

गणतंत्रता दिवस प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी के दिन दिल्ली मे स्थित राज पथ पर हमारे देश के राष्ट्रपति दूारा लहराया जाता है। आज के दिन दिल्ली मे स्थित इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक पेरेड निकली जाती है। इस पेरेड मे भारत के थलसेना, वायुसेना और नौसेना भी भाग लेते है। इस राष्ट्रीय त्योर को स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और ऑफिस मे भी बहुत ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। प्रत्येक स्कूल और कॉलेज मे डांस,राष्ट्रीय गान ,नाटक जैसे अनेकों कार्यकर्म मे विधार्थी हिस्सा लेते है।

JAY HIND JAI BHARAT

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